मुद्रा का इतिहास (History of Currency):
मुद्रा का परिचय (Introduction to Currency)
“मुद्रा का इतिहास “मुद्रा एक ऐसा माध्यम है जिसका उपयोग व्यक्ति वस्तुओ और सेवाओ का आदान -प्रदान (लेन-देन) के लिए करते है |ये ऐसा मानक है की किसी भी वस्तुओ और सेवाओ का मूल्य को व्यक्त करता है और व्यापार को सरल और व्यवस्थित बनाता है |मुद्रा के बिना कोई भी आधुनिक आर्थिक व्यवस्था चल ही नहीं सकती है |
प्राचीन काल में जब मुद्रा का कोई निश्चित रूप नहीं था तब लोगो द्वारा वस्तु का आदान-प्रदान किया करते थे |
लेकिन आज के युग में मुद्रा कई रूपों में उपलब्ध है जैसे की नगद कैस मुद्रा का ट्रान्सफर डिजिटल करेंसी का आज के युग में एक नया रूप ले लिया है |
इस प्रकार मुद्रा न केवल व्यापार का आधार है बल्कि किसी भी देश का आर्थिक संरचना रीढ़ मानी जाती है |
मुद्रा शब्द की उत्पत्ति कहा से हुई ?(Where did the word currency originate from?):
मुद्रा के इतिहास में मुद्रा शब्द के बारे जानेंगे मुद्रा शब्द संस्कृत शब्द से लिया गया है ये मुख्यतः दो शब्दों से बना है |
मूल शब्द
“मुद्रा ” धातु से बना है जिसका अर्थ है छाप या मोहर ,चिन्ह या संकेत भी कहा जाता है | मुद्रा का आर्थिक अर्थ किसी भी कागज या धातु पर “लगी हुई छाप ” को कहते है |
पुराने ज़माने में मुद्रा (सिक्को )पर राजाओ का एक प्रकार का मुहर लगाया जाता था |तो उसी को मुद्रा कहा जाता था और उस मुद्रा का ही प्रयोग किसी भी वस्तु या सामान का आदान-प्रदान होता था |राजाओ के द्वारा लगया गया मोहर प्रमारिकता का प्रतिक था |
(दुसरे शब्दों मुद्रा का अर्थ “आसन ” जैसे योग ,नृत्य ,ध्यान ,हस्त इत्यादि के रूप में भी होता है ,लेकिन हम यहाँ पर मुद्रा (money)के बारे में बात कर रहे है |)
मुद्रा प्रचलन में कब आया ?(When did currency come into circulation?):
मुद्रा का प्रचलन इतिहास में बहुय्त पुराना रहा है निचे कुछ दिए गए क्रमबद्ध तरीके से की मुद्रा कब प्रचलन में में आई !
1 वस्तु विनिमय प्रणाली (Barter System):
मुद्रा से पहले लोग वस्तु का लेन-देन लगभग 9000-6000 ई.पू. जैसे की अनाज देकर कपड़ा लेना|
2 वस्तु मुद्रा (Commodity Money):
मुद्रा का इतिहास लगभग 3000 ई. पू. कुछ मूल्यवान वस्तुओ को मुद्रा की तरह प्रयोग किया जाने लगा था जैसे :- नमक ,गाय ,चावल ,सीप मोती ,तांबा ,चांदी इत्यादि ये सभी मूल्यवान वस्तु स्वम में थी |
3 धातु मुद्रा (Metallic Coins):
मुद्रा का इतिहास 600 ई.पू . लगभग सबसे पहले सोने ,चांदी और ताम्बे के सिक्के बनाए गए इतिहासकारों के अनुसार लीडिया (तुर्की )में मुद्रा धातु का प्रचलन हुआ | भारत में मोर्य काल में (322-185ई. पू.) में पञ्च चिन्ह वाले सिक्के प्रचलित हुए |
4 कागज़ी मुद्रा (Paper Currency):
चीन में तांग वंश के समय में कागजी मुद्रा की शुरुआत लगभग 7वीं शताब्दी में हुई |भारत में पहली बार ईस्ट इंडिया कंपनी ने कागज के नोट 18वीं शताब्दी में छापे गए जो की 1861 में ब्रिटिश सरकार ने भारतीय मुद्रा जारी करना शुरू किया था |
5 डिजिटल मुद्रा (Digital Currency):
भरता में डिजिटल (भुगतान) मुद्रा की शुरुआत सन 2000 के बाद हुई जिसमे UPI,PAYTM,GOOGLE PAY और PHONE PAY इत्यादि शुरू हुई |भारत में 2022 में डिजिटल रुपया (e₹) की शुरुआत की गई लेकिन अभी तक इसमें ज्यादा प्रचलन नहीं हुआ है |
मुद्रा कितने प्रकार के होते है ?(How many types of currency are there?):
मुद्रा को उसके स्वरूप (Form ),मूल्य (Value)और उत्पत्ति (Origin) के आधार पर किया जाता है |दुसरे शब्दों में मुद्रा को 2 भागो में भी वर्गीकृत किया जा सकता है |
1. वस्तु मुद्रा (Commodity Money)
ये मुद्रा सबसे पहले प्रचलन में आई थी ऐसी मुद्रा जैसे सोना ,चांदी ,नमक ,गेहू ,तांबा और हीरा इत्यादि स्वम में बहुत ही मूल्यवान होती है और इस मुद्रा को एक व्यक्ति एक सामान देकर दूसरा सामान लेना होता था |लेकिन इसमे बहुत दिकत का सामना भी करना पड़ता था |
2. धातु मुद्रा (Metallic Money):
धातु मुद्रा सिक्को के रूप में होती है ,ये मूलतः दो प्रकार की होती है |
A. पूर्ण मूल्य मुद्रा (Full-Bodied Money) :जिसकी धातु का मूल्य और अंकित मूल्य दोनों आपस में बराबर होती है |
B. अपूर्ण मुद्रा (Token Money) : जिसकी धातु का मूल्य अंकित मूल्य से कम होती है |
3. कागज़ी मुद्रा (Paper Money):
मुद्रा के इतिहास में कागज की बनी मुद्रा किसी भी देश या उसके केंद्र बैंक द्वारा जारी किया जाता है ,उदाहरण के लिए 10 ,20,50,100 इत्यादि हो सकता है |
4. बैंक मुद्रा (Bank Money):
बैंक मुद्रा वह मुद्रा है जो किसी भी बैंक में होती है और उसे किसी भी चेक ,ड्राफ्ट या ऑनलाइन के माध्यम से उपयोग में लिया जाता है |इसे देखा नहीं जा सकता है इसे केवल काउंट किया जा सकता है |
5. इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल मुद्रा (Electronic or Digital Money):
यह मुद्रा इन्टरनेट के जरिये उपयोग में लिया जा सकता है और इसे किसी भी एप्लीकेशन से इस्तेमाल होने वाली मुद्रा है उदहारण के लिए UPI,PAYTM,GOOGLE PAY ,PHONE PAY,BHEEM UPI इत्यादि हो सकता है |
6. क्रिप्टो करेंसी (Cryptocurrency):
यह मुद्रा डिजिटल मुद्रा है जो किसी भी सरकार का नियंत्रण नहीं रहता है ये ब्लाकचेन तकनीक पर कम करता है है |इसमें किसी भी थर्ड पार्टी नहीं होती है ,और न ही इसपर सरकार का नियंत्रण रहता है |उदाहरण के लिए Bitcoin,Ethereum, Litecoin Troncoin ALTCoin इत्यादि |
मुद्रा का चार्ट (सारांश):
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मुद्रा का प्रकार | स्वरूप / माध्यम | विशेषताएँ | उदाहरण |
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| 1️⃣ | वस्तु मुद्रा (Commodity Money) | भौतिक वस्तुएँ | स्वयं में मूल्यवान, आदान-प्रदान के लिए प्रयोग | सोना, चांदी, नमक, गाय |
| 2️⃣ | धातु मुद्रा (Metallic Money) | धातु के सिक्के | टिकाऊ, आसानी से चलन में, पूर्ण/अपूर्ण मूल्य | चांदी के सिक्के, तांबे के सिक्के |
| 3️⃣ | कागज़ी मुद्रा (Paper Money) | नोट (प्रिंटेड पेपर) | सरकार द्वारा जारी, हल्की, सुविधाजनक | ₹10, ₹100, ₹500, ₹2000 |
| 4️⃣ | बैंक मुद्रा (Bank Money) | डिजिटल खाता धन | चेक, ड्राफ्ट, NEFT, RTGS जैसे माध्यमों से उपयोग | बैंक बैलेंस, चेक |
| 5️⃣ | डिजिटल मुद्रा (Digital Money) | मोबाइल/इंटरनेट आधारित | ऑनलाइन ट्रांसफर, तेज़, कैशलेस लेनदेन | UPI, Paytm, Google Pay |
| 6️⃣ | क्रिप्टो करेंसी (Cryptocurrency) | ब्लॉकचेन आधारित डिजिटल मुद्रा | निजी, सरकार से स्वतंत्र, उच्च तकनीकी सुरक्षा | Bitcoin, Ethereum |
मुद्रा की क्या विशेषता है ?(What are the characteristics of currency?)
मुद्रा एक आदर्श विनिमय माध्यम तभी बन सकती है जब उसमें निम्नलिखित गुण या विशेषताएँ हों |
1. स्वीकार्यता (Acceptability):
मुद्रा को समाज में सार्वजानिक रूप से स्वीकार करना चाहिए |लोग इसको किसी भी सामान या वस्तुओ के बदले ख़ुशी से स्वीकार करे |
2. स्थायित्व (Durability):
मुद्रा को लम्बे समय उपयोग में किया जा सके बिना किसी उसके मूल्य ओए कमी न आये जैसे कागजी नोट सिक्के और डिजिटल पैसा ये मुद्रा लम्बे समय तक टिकाऊ होना चाहिए |
3. चलनशीलता (Portability):
मुद्रा को आसानी से एक स्थान से दुसरे स्थान तक ले जाया सके ये विशेषता होनी चाहिए | उदाहरन के लिए 100 का नोट अपने जेब या अपने फ़ोन में डिजिट के रूप में ले जा सके |
4. विभाज्यता (Divisibility):
मुद्रा को छोटे-छोटे भागो में विभाजित किया जा सके ताकि सामान या कोई भी वास्तु खरीदने में आसानी और सरल हो |उदहारण के लिए 10,20,50,100,500 का नोट |
5. समानता (Uniformity):
मुद्रा का प्रत्येक इकाई का मान और स्वरूप समान होनी चाहिए जिससे अगर 100 का नोट हो तो उसको हर जगह उतना ही मूल्य होना चाहिए |
6. दुर्लभता (Scarcity):
मुद्रा की उपलब्धता सिमित होनी चाहिए जिससे की मुद्रा का मूल्य हमेशा बना रहे |अगर किसी भी देश में मुद्रा ज्यादा छाप दिया जाता है तो मुद्रा का मूल्य बहुत कम हो जाता है जिससे की देश के GDP पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है और उस देश का अर्थव्यवस्था गिर जाता है |
7. नकली से सुरक्षा (Non-Counterfeitability):
मुद्रा को इस तरह डीजाईन / बनाया जाये की कोई दूसरा मुद्रा की नकली कापी न कर सके और न ही बना सके | अगर कोई नकली मुद्रा बना लेता है तो इससे देश के अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा |
FAQs:
1. मुद्रा क्या होती है?
उत्तर: मुद्रा वह माध्यम है जिसके द्वारा वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान किया जाता है। यह विनिमय का माध्यम, मूल्य मापन की इकाई और धन का संचय होती है।
2. मुद्रा कितने प्रकार की होती है?
उत्तर: मुद्रा के मुख्यतः 6 प्रकार होते हैं:
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वस्तु मुद्रा (Commodity Money)
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धातु मुद्रा (Metallic Money)
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कागज़ी मुद्रा (Paper Money)
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बैंक मुद्रा (Bank Money)
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डिजिटल मुद्रा (Digital Money)
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क्रिप्टो करेंसी (Cryptocurrency)
3. मुद्रा शब्द कहां से आया है?
उत्तर: ‘मुद्रा’ शब्द संस्कृत के ‘मुद्र’ धातु से निकला है, जिसका अर्थ होता है ‘छाप’ या ‘मोहर’।
4. भारत में सबसे पहली मुद्रा कब प्रचलन में आई?
उत्तर: भारत में लगभग 600 ई.पू. में मौर्य काल में पंच-चिन्ह वाले सिक्के प्रचलन में आए थे। यह भारत की पहली धातु मुद्रा मानी जाती है।
5. भारत में कागज़ी मुद्रा की शुरुआत कब हुई?
उत्तर: भारत में कागज़ी मुद्रा की शुरुआत 18वीं शताब्दी में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा हुई थी। 1861 से ब्रिटिश सरकार ने इसे जारी करना शुरू किया।
6. डिजिटल मुद्रा क्या है?
उत्तर: डिजिटल मुद्रा वह मुद्रा है जो इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में होती है और मोबाइल ऐप्स या इंटरनेट के माध्यम से लेनदेन में प्रयोग होती है। उदाहरण: UPI, Paytm, Google Pay आदि।
7. क्रिप्टो करेंसी क्या है?
उत्तर: क्रिप्टो करेंसी एक विकेन्द्रीकृत डिजिटल मुद्रा है जो ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होती है। यह किसी सरकार या बैंक द्वारा नियंत्रित नहीं होती। उदाहरण: Bitcoin, Ethereum।
8. भारतीय मुद्रा कौन जारी करता है?
उत्तर: भारत में कागज़ी मुद्रा को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) जारी करता है। केवल ₹1 का नोट भारत सरकार द्वारा जारी किया जाता है।
9. मुद्रा की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
उत्तर: मुद्रा की प्रमुख विशेषताएँ हैं – स्वीकार्यता, स्थायित्व, चलनशीलता, विभाज्यता, समानता, दुर्लभता और मूल्य स्थिरता।
10. डिजिटल रुपया (e₹) क्या है?
उत्तर: डिजिटल रुपया (e₹) भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी की गई आधिकारिक डिजिटल मुद्रा है, जिसकी शुरुआत 2022 में हुई थी। यह नकद का डिजिटल रूप है।
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